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खुशहाल बच्चे खुशहाल प्रदेश

छत्तीसगढ़ राज्य में बच्चो के अधिकारों के समुचित संरक्षण तथा देखभाल के लिए छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग का गठन किया गया है । राज्य शासन द्वारा बाल  अधिकार संरक्षणआयोग अधिनियम (केंद्रीय) 2005 में प्रदत शक्तियों का उपयोग करते हुए आयोग के गठन के नियम वर्ष 2009 में लागु किये है, जो असाधारण राजपत्र  में 17 जून २०१० को प्रकाशित  हुए है ।  छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग  इन्ही नियमो के प्रकाश में कार्यशील हुआ है ।  आयोग कार्यालय का औपचारिक शुभारंभ 24 जनवरी 2011 को किया गया । आयोग की वर्त्तमान अध्यक्ष श्रीमती शताब्दी सुबोध पाण्डे है  तथा वर्त्तमान 6 सदस्य श्री रमेश कुमार राजपूत , श्री परमानन्द देशमुख , श्री प्रदीप  कुमार कौशिक , श्री उमा भारती सराफ , श्री शरद श्रीवास्तव एवं डॉ. सिमी श्रीवास्तव है ।

आयोग की प्रमुख उपलब्धियाँ

  1. आयोग द्वारा हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, रायपुर में बाल अधिकार तथा विधि केन्द्र की स्थापना हेतु पहल कर दी गई है एवं शीघ्र ही यह केन्द्र आरम्भ होना अपेक्षित है ।  
  2. आयोग द्वारा मध्यप्रदेश, उड़ीसा तथा छत्तीसगढ़ राज्य के बाल कल्याण समितियों के प्रतिनिधियों का क्षेत्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया है । 
  3. आयोग द्वारा शिक्षा विभाग के प्रशिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों को बाल अधिकार पर प्रशिक्षित किया गया है । 
  4. आयोग द्वारा पुलिस अधिकारियों एवं प्रशिक्षु पुलिस अधिकारियों को बाल व्यापार तथा बाल अधिकार के संबंध में संवेदनशील बनाने हेतु उन्मुखीकरण प्रशिक्षण दिया गया    है । 
  5. आयोग द्वारा बाल सुरक्षा तथा मीडिया के लिए कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से मिलकर विशेष सेमिनार आयोजित करवाया गया है । 
  6. आयोग द्वारा एक टोल फ्री 24 घंटे 07 दिवस टोल फ्री सेवा का संचालन किया जा रहा है । इसका नम्बर 1800-233-0055 है । इस नम्बर अभी तक 1500 से अधिक टेलीफोन काॅल्स प्राप्त हुए हैं । 
  7. आयोग द्वारा लैंगिक अपराधों से बच्चों को बचाने हेतु शिक्षा विभाग की मदद से मास्टर ट्रेनर्स तैयार करवाए गए हैं एवं बच्चों को जागरूक करने हेतु डिस्प्ले बोर्ड कन्या आश्रमों में लगवाए गए हैं । इन प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना हुई है । 
  8. आयोग द्वारा प्रदेश में बाल न्यायालयों की स्थापना तथा विशेष लोक अभियोजकों  की नियुक्ति के लिए माननीय उच्च न्यायालय से प्रार्थना की गई एवं इनका संचालन आरम्भ हुआ है । 
  9. आयोग द्वारा अपना कार्य आरम्भ करने से लेकर 15 जुलाई 2015 तक कुल 66 अनुसंशाएॅं राज्य शासन तथा सर्वसंबंधितो को प्रेषित की गई हैं जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं । 
  10. आयोग द्वारा अपना कार्य आरम्भ करने से लेकर 15 जुलाई 2015 तक कुल 365 प्रकरण पंजीबद्ध कर यथासंभव समाधान किया गया है ।