Toll Free: 18002330055
contact@cgscpcr.gov.in
cgscpcr icon

CGSCPCR HIGHLIGHTS

 

Latest News




Updated of CGSCPCR website

CGSCPCR is relaunching a new website with a fresh look (Cgncpcr एक नई वेबसाइट के साथ एक ताजा रूप से पुन: लॉन्च कर रहा है)




CGSCPCR conducting a research on “Slow Learner”

CGSCPCR conducting a research on “Slow Learner” in collaboration with Pandit Ravishankar University, Raipur Chhattisgarh



आयोग द्वारा की गई प्रमुख अनुशंसाओं का विवरण

क्र. दिनांक अनुशंसा किसे की गई अनुशंसा का विषय अनुशंसा का संक्षिप्त विवरण
1 25-06-11 आयुक्त आबकारी विभाग, छ.ग. बच्चों को शराब एवं अन्य नशे से दूर रखने हेतु अभियान चलाये जाने विषयक। माननीय अध्यक्ष महो. को प्रवास के दौरान बच्चे शराब खरीदते हुए देखे जाने पर आयुक्त, आबकारी विभाग को लेख किया गया।
2 27-06-2011 संपादक दैनिक भास्कर,नवभारत, देशबंधु, पत्रिका, अमृत संदेश, हरिभूमि, स्वदेश, हाईवे चैनल, छत्तीसगढ़ क्रानिकल, हितवाड, नई दुनिया अपराध में शामिल बच्चों (0 से 18) वर्ष की पहचान समाचार पत्रों में उल्लेखित न किये जाने का आग्रह। बाल अधिकार के क्षेत्र में कार्य करने वाली संस्थाओं के द्वारा ध्यान आकर्षित कराया गया कि समाचार पत्रों में प्रकाशित समाचार में बच्चों के नाम व फोटो प्रकाशित कर दिया जाता है जो किशोर न्याय अधिनियम 2015 एवं सामाजिक दृष्टि से ठीक नही है। अतः अनुशंसा की गई।
3 28-12-2011 माननीय मुख्यमंत्री महोदय, छ.ग.शासन सचिवालय, रायपुर (छ.ग.) नवगठित जिले में समेकित बाल संरक्षण योजना तथा किशोर न्याय व बाल कल्याण समितियों के गठन की कार्यवाही की अनुशंसा राज्य के नवठित जिलों में प्राथमिकता के आधार पर समेकित बाल संरक्षण योजना के अंतर्गत की जाने वाली कार्यवाही एवं किशोर न्यायालय तथा बाल कल्याण समितियों का गठन तत्काल प्रारंभ कराई जायें।
4 2-1-2012 सचिव, छ.ग.शासन महिला एवं बाल विकास विभाग, मंत्रालय, महानदी भवन, नया रायपुर भिक्षावृत्ती से बच्चों के जुड़े होने की संभावना पर सर्वेक्षण व नवीन योजना की अनुशंसा बाबत्। बैंगलुरू में छ.ग.राज्य के बच्चों की भिक्षावृत्ती में लगाये जाने की घटना में आवेदन आयोग द्वारा अनुशंसा की कि महिला बाल विकास विभाग द्वारा इस विषय में एनजीयो/विशेषज्ञों व सर्वेक्षण कराया जाकर रिपोर्ट तैयार की जाए साथ ही आयोग द्वारा पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में पांच करोड़ रूपये लागत की आंचल योजना तैयार की जाकर विभाग को भेजी गई।
5 27-03-2012 समस्त जिला कलेक्टर सर्व जिला, छ.ग. अक्षय तृतीया पर बाल विवाह की रोकथाम अक्षय तृतीया पर ग्रामीण क्षेत्रों पर बाल विवाह की प्रबल संभावनाओं को देखते हुए सभी जिला कलेक्टर की कार्य योजना बनाकर दल गठन करने एवं संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हांकित करते हुए अक्षय तृतीया पर रोकथाम के लिए अनुशंसा किया गया।
6 17-05-2012 आयुक्त महिला बाल विकास विभाग (छ.ग.) प्रतिलिपि सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग संचालक, एस.सी.ई.आर.टी. और मिशन संचालक राजीव गांधी शिक्षा मिशन रायपुर 6 वर्ष की आयु पूरी कर रहे आंगनबाड़ी के बच्चों की शाला में प्रवेश दिलाने बाबत्। प्रदेश में लगभग 43763 आंगनबाड़ी केंद्रोें का नेटवर्क स्ािापित होने से 6 वष्र की आयु पूर्ण कर रहे बच्चों की आर.टी.ई. 2009 के अंतर्गत शाला में प्रवेश दिलाये जाने हेतु आयोग द्वारा अनुशंसा की गई तथा सत् प्रतिशत बच्चों की प्रवेश दिलाया जाना सुनिश्चित अनुरोध किया गया।
7 22-05-2012 मुख्य सचिव छ.ग.शासन, मंत्रालय महानदी भवन, नया रायपुर प्रत्येक जिले में बालक अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम 2005 में किये गये प्रावधानों के अंतर्गत बालक न्यायालय की अनुशंसा। अधिनियम 2005 की धारा 25(अध्याय 5) के प्रावधानों के अनुसार बालक न्यायालय की अनुशंसा की गई साथ ही प्रत्येक जिले में किसी सेसन न्यायालय को बालक न्यायालय के रूप में अधिसूचित करते हुए लोक अभियोजन की व्यवस्था की अनुशंसा की गई।
8 04.07.2012 श्री सुब्रत साहू सचिव एवं आयुक्त, छ.ग.शासन महिला एवं बाल विकास विभाग, मंत्रालय, महानदी भवन, नया रायपुर समेकित बाल संरक्षण योजना के संबंध में गंभीरतापूर्वक ठोस कार्यवाही करने हेतु अनुशंसा। छ.ग.राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा विगत दिनों में अनेक संस्थाओं को भेंट देकर समय-समय पर समेकित बाल संरक्षण योजना के क्रियान्वयन तथा किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों को बाल संरक्षण के क्षेत्र में भारत सरकार द्वारा सोच-विचार कर लागू करने में छ.ग.शासन की गति बहुत धीमी है। व्यापक अध्ययन का अत्यंत कार्यवाही करने की अनुशंसा।
9 23-06-2012 श्री आर.एस.विश्वकर्मा, सचिव, छ.ग.शासन लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग रायपुर बोरवेल के लिए खोदे गए गड्ढों में नन्हें बच्चे गिरकर फंस घटनाओं को कुछ सावधानियों से रोका जा सकता है। पीएचई विभाग का पत्र प्राप्त। उनके द्वारा सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार कृत कार्यवाही की जानकारी दी गई।
10 13-07-2012 पुलिस महानिदेशक रायपुर (छ.ग.) जे.जे.एक्ट एवं बाल अधिकार की जानकारी विभागीय प्रशिक्षणों में समाहित करने बाबत्। प्रशिक्षण कार्यक्रम में किशोर न्याय अधिनियम विशेष किशोर पुलिस इकाई की भूमिका बाल श्रम अधिनियम व बच्चों के यौन शोषण या अन्य प्रकार के शोषण पर प्रशिक्षण सत्र आयोजित किये जाने की अनुशंसा।
11 13-07-2012 सचिव, समाज कल्याण विभाग छ.ग. जे.जे.एक्ट एवं बाल अधिकार की जानकारी विभागीय प्रशिक्षणों में समाहित करने बाबत्। विभागीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में बच्चों के संरक्षण विकलांगता की रोक थाम एवं इन घटनाओं से होने वाले बच्चों के शोषण हेतु विभागीय प्रशिक्षणों में बाल अधिकार को समाहित किये गये है।
12 13-07-2012 सचिव,आदिम जाति कल्याण विभाग छ.ग. जे.जे.एक्ट एवं बाल अधिकार की जानकारी विभागीय प्रशिक्षणों में समाहित करने बाबत्। अनसूचित जाति एवं अनुसूचित जन जाति कल्याण विभाग से संबंधित शालाओं कन्या आश्रमों के संचालन के माध्यम से बच्चों के कल्याण होता है। अतः विभागीय प्रशिक्षण में बाल अधिकार विषय को शामिल किया जाए।
13 13-07-2012 प्रमुख सचिव, श्रम विभाग छ.ग. जे.जे.एक्ट एवं बाल अधिकार की जानकारी विभागीय प्रशिक्षणों में समाहित करने बाबत्। श्रम विभाग बाल श्रम तथा बाल व्यापार की रोकथाम तथा अन्य प्रकार के शोषण की रोकथाम में के्रदीय भूमिका निभाता है। अतः नियमित रूप से विभागीय तौर पर नियमित रूप से शामिल किया जावे।
14 13-07-2012 समाज कल्याण विभाग, शालेय शिक्षा विभाग बच्चों के लिए उपयुक्त पोषक तत्वों की व्यवस्था । बच्चों को आंगनबाड़ी केन्द्रों में प्रदाय किए जाने वाले पूरक पोषण आहार, शालाओं में प्रदान किए जाने वाले मध्यान्ह भोजन तथा बच्चांे की आवासीय संस्थाओं मं प्रदाय किए जाने वाले दैनिक आहार गुणवत्ता व उच्च श्रेणी की होनी चाहिए ।
15 23-08-2012 1. सचिव छ.ग.शासन, समाज कल्याण विभाग, मंत्रालय डी.के.एस.भवन, रायपुर छ.ग. 2. सचिव, छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय, डी.के.एस.भवन, रायपुर, छ.ग. निःशक्त बच्चों के लिए अनुशंसा 1. प्रदेश के निःशक्त बच्चों का सर्वेक्षण के लिए एक साफ्टवेयर विकसित नवीन सर्वेक्षण किया जावें।
2. शिक्षा विभाग एवं समाज कल्याण विभाग एक संयुक्त कार्य योजना बनाकर निःशक्त बच्चों के लिए एकीकृत शिक्षा एवं विशेष शिक्षा की व्यवस्था करें तथा इसके लिए पूर्ण रूप से कार्यरत संस्थाओं को आवश्यक अनुदान की व्यवस्था हेतु प्रयास किये जावे।
16 24-09-2012 अपर मुख्य सचिव श्रम विभाग ,छ.ग.शासन मंत्रालय डी.के.एस.भवन रायपुर(छ.ग.) बाल श्रम के रोकथाम के लिए विशिष्ट कार्यवाही के लिए अनुशंसा । प्रदेश में समय-समय पर श्रम संबंधित अनेक मामले प्रकाश में आए है 1. वर्ष में 2 बार एक विशिष्ट सप्ताह निर्धारित करतें हुए एक कार्ययोजना बनाकर बडें पैमाने पर बाल श्रम उन्मूलन सप्ताह मनाया जाय।
2. श्रमायुक्त कार्यलय या राज्य मुख्यालय में एक टोल फ्री नम्बर की सेवा आरम्भ की जानी चाहिए।
17 27-12-2012 1. अपर मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन, वित्त विभाग नया मत्रालय ,रायपुर 2. प्रमुख सचिव ,छत्तीसगढ़ शासन, गृह विभाग नया मंत्रालय ,रायपुर 3.पुुलिस महानिदेशक, पी.एच.क्यू ,रायपुर बाल व्यापार के प्रकरणो में बचाव दल के अन्य राज्यों में भ्रमण हेतु नवीन मद में बजट राशि का प्रावधान करने बाबत्। छ.ग.राज्य के विशेष संदर्भ में प्रायः यह देखा गया रायगढ़ ,जशपुर एवं सरगुजा जिलों में बाल व्यापार की घटना जशपुर जिले के भ्रमण एवं वहा दि.20.12.2012 को आयोजित बाल व्यापार पर आधारित एक कार्यशाला में यह तथ्य उभरकर सामने आया है। कि बाल व्यपार से संबंधित मामलों में प्रदेश से बाहर पाए गए । बच्चों को वापस लाने के बचाव अभियान में पुलिस दल बच्चों के परिक्षण/प्रक्रिया में शामिल ।
18 3-5-2013 1.प्रमुख सचिव छ.ग.शासन गृह विभाग, मंत्रालय महानदी भवन नया रायपुर 2. पुलिस महानिदेशक पुलिस मुख्यालय नया रायपुर (छ.ग.) गुमशुदा बच्चों की तलाश के संबंध में अनुशंसा । विगत समय में संपूर्ण भारत वर्ष में बच्चों के गुम होने की अनेक घटनाये प्रकाश में आई है। संपूर्ण भारत में बच्चों के गुम होने की घटनाए प्रकाश में आयी है। अतः मा. अध्यक्ष महो. द्वारा गुमशुदा बच्चों को वापस लाकर उनके परिवार वालो से मिलवाने पुलिस प्रक्रिया । नेक्वाटिग एवं बच्चों में पुनर्वास व बाल संप्रेक्षण गृह आदि का आनलाइन अपडेट उपलब्धता हेतु अनुशंसा जारी की जा रही है।
19 19-07-2013 श्री दिनेश श्रीवास्तव ,सचिव छत्तीसगढ़ शासन शालेय शिक्षा विभाग, मंत्रालय ,महानदी भवन, नया रायपुर छत्तीसगढ़ मध्यान्ह भोजन प्रदाय में सुरक्षात्मक व्यवस्था हेतु अनुशंसा । हाल ही में मध्यान्ह भोजन के खाने से बच्चों के जीवन संकटपूर्ण स्थिति में आने की कुछ घटनाॅए प्रकाश में आई है। आयोग द्वारा छ.ग.राज्य में भी प्रकाश में आई घटनाओं का संज्ञान लिया जाकर प्रतिवेदन प्राप्त किया गया है। यदपि मुझे ज्ञात हुआ है। कि आपके द्वारा उक्त संबंध में सुरक्षात्मक कदम भी उठाए गए है। तथापि आयोग उक्त संबंध में अनुशंसा करता है।कि शिक्षा विभाग द्वारा कुछ सुरक्षात्मक अनिवार्य गाईड लाईन प्रसारित की जावें ।
20 24-03-2014 सचिव ,छ्र.ग.शासन महिला एवं बाल विकास विभाग ,महानदी भवन ,मंत्रालय, नया रायपुर (छ.ग.) नशे के प्रभाव में आए हुए शालात्यागी बच्चों के दंेखभाल व संरक्षण के लिए कार्यवाही बनाकर कार्यवाही करने विषयक्। प्रदेश में नशे की लत का शिकार बच्चों विशेषतः बस स्टैण्ड ,स्टेशन बस्तियो या सार्वजानिक सीलो पर ऐसे बच्चों के त्वारित चिन्हांकन तथा समुचित पुनर्वास हेतु, एक वर्ष के भीतर परिणाम लाने वाली कार्ययोजना राज्य स्तर पर तैयार की जाए एवं इसे तत्काल जिलों में लागू किया जाए।
21 24-03-2014 सचिव ,छ्र.ग.शासन स्कूल शिक्षा विभाग ,महानदी भवन ,मंत्रालय ,नया रायपुर (छ.ग.) शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में निजी शालाओं को यह स्पष्ट निर्देश दिए जाये अथवा शासन स्तर पर यह व्यवस्था बनाई जाए कि ,ऐसे छात्रों को जिन्हे अधिनियम को धारा 12(1)के अंतर्गत प्रवेश किया गया है। से अन्य कोई भी राशि शाला द्वारा नही ली जायेगी एवं पुस्तके ,परिवहन आदि की सुविधा पूर्णतःमुक्त उपलब्ध होगी एवं उन पर अन्य कोई व्यवहार नही आयेगा ।
22 25-03-2014 सचिव,छ.ग.शासन ,उच्च शिक्षा विभाग ,महानदी भवन ,मंत्रालय नया रायपुर (छ.ग.) बाल अधिकारो के संबंध में विशेष पाठ्यक्रम आरम्भ किये जाने के विषय में । प्रदेश के विश्व विघालयों में बाल अधिकारों तथा बाल अधिकारों तथा बाल अधिकारों के संरक्षण पर डिप्लोमा कोर्स /सर्टिफिकेट कोर्स अथवा अन्य युक्तियुक्त पाठ्यक्रम आरम्भ किए जाने जिससे प्रदेश मे बाल अधिकारों के सरक्षण में न केवल सहायता मिलेगी अपितु सा्रेत व्यक्ति भी उपलब्ध होगें ।
23 27-03-2014 1. प्रमुख सचिव, छ.ग.शासन, जन संपर्क विभाग, महानदी भवन, मंत्रालय नया रायपुर(छ.ग. 2. सचिव, छ्र्र.ग.शासन, महिला एवं बाल विकास विभाग, महानदी भवन,मंत्रालय नया रायपुर लैंगिक अपराधांे से बच्चों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा-23 का पालन करने का मीडिया से अनुरोध। प्रदेश के सम्पूर्ण मीडिया तंत्र में लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम 2012 को धारा-23 के संबंध में प्रमुख जनसंपर्क एवं सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग तथा संचालक जनसंपर्क की ओर से उक्त धारा का उल्लेख कर लिखित अनुरोध पत्र जारी किया जावे एवं समय-समय पर मीडिया से समुचित आग्रह शासन स्तर से निरंतर किया जावे।
24 11-02-2015 1. मुख्य सचिव, छ.ग.शासन मंत्रालय, महानदी भवन, नया रायपुर (छ.ग.) 2. सचिव, छ.ग.शासन स्कूल शिक्षा विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग, मंत्रालय, महानदी भवन, नया रायपुर (छ.ग) प्रदेश में संचालित निजी कोचिंग सेंटर अथवा बच्चों से संबधित निजी केंद्रो के पंजीयन की व्यवस्था। बाल आयोग के दिनांक 27.021.2014 के सम्मिलन में अनुशंसा पारित की गई कि प्रदेश में अनेक कोचिंग सेंटर संचालित है, कला के केंद्र संचालित है, कितने केंद्र कहा-कहा संचालित है, कोई अभिलेख केंद्रीकृत पंजीयन की व्यवस्था नही है, ऐसे केद्रों को बच्चों के सर्वोत्तम हित में पंजीकृत करने या सूचीबध्द करने के लिए कोई व्यवस्था शासन स्पर पर बनाई जानी चाहिए।
26 27-05-2015 सचिव, छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय, महानदी भवन नया रायपुर (छ.ग.) निःशक्त बच्चों के लिए शाला में बाधा रहित रेम्प के निर्माण बाबत्। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा दिनांक 12.02.2015 को सम्मिलन मेे यह अनुशंसा पारित की गइ्र्र्र कि निःशक्त बच्चों के लिए समस्त शालाओं में बाधा रहित रेम्प के निर्माण के लिए पर्याप्त अनुश्रवण किया जावें, ताकि निःशक्त बच्चों को शाला में कक्षा तक आनंे-जाने में पर्याप्त सुविधा हो ।
27 21-01-2016 पुलिस महानिदेशक, पुलिस मुख्यालय, नया रायपुर बाल संरक्षण के क्षेत्र को सषक्त बनाने हेतु सामुदायिक सहभागिता के तहत बाल मित्र दल के गठन हेतु अनुशंसा भेजने बाबत । बाल संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने वाले/कार्य करने के इच्छुक समुदाय के व्यक्तियों से बाल मित्र दल का गठन जिला स्तर पर पुलिस विभाग/जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा किया जावे । जिला स्तर पर गठन हो जाने के उपरांत थाना स्तर पर भी इसका गठन किया जाना चाहिए ताकि बाल संरक्षण का मुद्दा सार्वभौमिक हो सके ।
28 25-07-2015 अपर मुख्य सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, मंत्रालय, महानदी भवन, नया रायपुर बाल अधिकार संरक्षण विषय की पंचायत स्तर पर जानकारी एवं बाल मित्र पंचायत बनाए जाने के संबंध में अनुशंसा प्रेषित करने विषयक । बच्चों के अधिकार, विकास, संरक्षण का दायित्व न केवल परिवार अपितु सम्पूर्ण समुदाय, पंचायत एवं हम सबका है । इस विषय को दृष्टिगत रखते हुए आयोग बाल अधिकार संरक्षण के विषय की पंचायत स्तर पर अधिकतम जानकारी एवं प्रचार-प्रसार हेतु अनुशंसा
29 25-07-2015 पुलिस महानिदेशक, पुलिस मुख्यालय, नया रायपुर (छत्तीसगढ) पुलिस विभाग में पुलिस थानों को बाल मित्र एवं बाल सुलभ बनाए जाने के संबंध में काॅन्सेप्ट सहित अनुषंसा प्रेषित करने विषयक । बच्चों के अधिकारांे के संरक्षण हेतु यह आवश्यक है कि बच्चों के मन में पुलिस अधिकारी कर्मचारी एवं थानों के प्रति मित्रवत सोच हो । इस सोच को विकसित करने के लिए आयोग की यह मंशा है कि पुलिस थानों को निम्नानुसार बाल मित्र एवं बाल सुलभ बनाया जा सकता है

कुछ अहम् अनुशंसा की विवरण वर्ष (2015-16)

क्र. दिनांक अनुशंसा किसे की गई अनुशंसा का विषय अनुशंसा का संक्षिप्त विवरण
30 27-05-2015 सचिव, छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय, महानदी भवन नया रायपुर (छ.ग.) निःशक्त बच्चों के लिए शाला में बाधा रहित रेम्प के निर्माण बाबत्। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा दिनांक 12.02.2015 को सम्मिलन मेे यह अनुशंसा पारित की गइ्र्र्र कि निःशक्त बच्चों के लिए समस्त शालाओं में बाधा रहित रेम्प के निर्माण के लिए पर्याप्त अनुश्रवण किया जावें, ताकि निःशक्त बच्चों को शाला में कक्षा तक आनंे-जाने में पर्याप्त सुविधा हो ।
31 21-01-2016 पुलिस महानिदेशक, पुलिस मुख्यालय, नया रायपुर बाल संरक्षण के क्षेत्र को सषक्त बनाने हेतु सामुदायिक सहभागिता के तहत बाल मित्र दल के गठन हेतु अनुशंसा भेजने बाबत । बाल संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने वाले/कार्य करने के इच्छुक समुदाय के व्यक्तियों से बाल मित्र दल का गठन जिला स्तर पर पुलिस विभाग/जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा किया जावे । जिला स्तर पर गठन हो जाने के उपरांत थाना स्तर पर भी इसका गठन किया जाना चाहिए ताकि बाल संरक्षण का मुद्दा सार्वभौमिक हो सके ।
32 25-07-2015 अपर मुख्य सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, मंत्रालय, महानदी भवन, नया रायपुर बाल अधिकार संरक्षण विषय की पंचायत स्तर पर जानकारी एवं बाल मित्र पंचायत बनाए जाने के संबंध में अनुशंसा प्रेषित करने विषयक । बच्चों के अधिकार, विकास, संरक्षण का दायित्व न केवल परिवार अपितु सम्पूर्ण समुदाय, पंचायत एवं हम सबका है । इस विषय को दृष्टिगत रखते हुए आयोग बाल अधिकार संरक्षण के विषय की पंचायत स्तर पर अधिकतम जानकारी एवं प्रचार-प्रसार हेतु अनुशंसा
33 25-07-2015 पुलिस महानिदेशक, पुलिस मुख्यालय, नया रायपुर (छत्तीसगढ) पुलिस विभाग में पुलिस थानों को बाल मित्र एवं बाल सुलभ बनाए जाने के संबंध में काॅन्सेप्ट सहित अनुषंसा प्रेषित करने विषयक । बच्चों के अधिकारांे के संरक्षण हेतु यह आवश्यक है कि बच्चों के मन में पुलिस अधिकारी कर्मचारी एवं थानों के प्रति मित्रवत सोच हो । इस सोच को विकसित करने के लिए आयोग की यह मंशा है कि पुलिस थानों को निम्नानुसार बाल मित्र एवं बाल सुलभ बनाया जा सकता है