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SCPCR Act 2005 Background

बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम २००५ (केन्द्रीय) में
बाल अधिकार संरक्षण आयोगों के गठन की व्यवस्था

भारत में बच्चों के अधिकारों  के संरक्षण तथा इनसे संबंधित मामलों के त्वरित विचारण के लिए विविध उपबंधों  को लागू करने के उद्देश्य से बालक अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम 2005 लागू किया गया है। भारत सरकार ने विविध अन्तर्राष्ट्रीय संधियों तथा बच्चों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पृष्ठभूमि में यह अधिनियम लागू किया है जो कि भारत सरकार ने वर्ष 2006 में असाधारण राजपत्र में अधिसूचना जारी कर प्रकाशित किया है।

इस अधिनियम के अध्याय 02 में अखिल भारतीय स्तर पर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के गठन का प्रावधान किया है एवं अध्याय 04 में राज्यों में बाल अधिकार संरक्षण आयोगों के गठन का प्रावधान किया गया है। इस अधिनियम में प्रदत्त शक्ति के तहत राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ में राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग नियम 2009 बनाये गये हैं।

बालक अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम 2005 में विस्तारपूर्वक राष्ट्रीय तथा राज्य आयोगों के कार्य तथा शक्तियां वर्णित की गई हैं। अधिनियम के अध्याय 05 में धारा 25 के अन्तर्गत बालक न्यायालय के गठन का प्रावधान किया गया है। बालक न्यायालयों के गठन का प्रमुख उद्देश्य बच्चों के विरूद्ध अपराधों या बाल अधिकारों के अतिक्रमण के अपराधों का त्वरित विचारण करना है। इन न्यायालयों के लिए अधिनियम की धारा 26 के अन्तर्गत विशेष लोक अभियोजकों की नियुक्ति का भी प्रावधान किया गया है।